शनिवार, 16 जनवरी 2016

डी.एल.एफ गाजियाबाद में संपन्न भेल विद्यापति पर्व समारोह ( दिल्ली,मिथिला मिरर)

डी.एल.एफ गाजियाबाद में संपन्न भेल विद्यापति पर्व समारोह

दिल्ली,मिथिला मिरर-राहुल कुमार रायः कवि विद्यापतिक स्मृति में देशक कोना-कोना में रहि रहल प्रवासी मैथिल होइ मिथिला में रहि रहल मैथिल सभ मिलजुलि कय नानान तरहक कार्यक्रम कें आयोजन करैत रहैत छैथ। अहि तरहक संस्थाक मुख्य उद्देश्य अपन मिथिलाक धरोहर कें जीवंत रखवाक लेल संगहि पारंपरिक लोकगीत संगीत के मादे मैथिलजन मानस में अपन भाषा कें प्रति लगाव बढेबाक लेल होइत अछि। शनिदिन राति में मिथिलांचल-पूर्वांचाल सहयोग समिति, के द्वारा पहिल बेर ’विद्यापति पर्व समारोह के आयोजन डी. एल. एफ गाजियाबाद में कायल गेल।
कार्यक्रमक शुरूआत आमंत्रित अतिथि लोकनि कें द्वारा दीप प्रज्वलित एवं पुष्प अर्पित कय कयल गेल। सांस्कृतिक कार्यक्रमक शुरूआत प्रसिद्व गायक शंकर झा द्वारा गोसाउनिक गीत सं भेल। ताहिक उपरांत मिथिला के सं एक सं बढि कय एक कलाकार द्वारा गीतक प्रस्तुति देल गेल जाहिमें दिलीप दरभंगिया, कुमकुम, आ अन्य लोकनि छलाह। मंच के संचालन उदघोषक राघे भाई कय रहल छलाह। बीच-बीच में संस्था कें द्वारा आमंत्रित अतिथि के सम्मानित सेहो कयल जाएत रहल। पृथक मिथिलाराज्य के मांग कय रहल सेनानी लोकनि कें सेहो सम्मानित कयल गेलनि जाहिमें संजय झा ’नागदह’, अमरनाथ झा, संजीव सिन्हा, हेमंत झा आदि छलथि। एहि कार्यक्रम के अध्यक्ष, रंजीत कुमार झा, संरक्षक, ललित कुमार चैधरी, महासचिव, धीरेंद्र कुमार मिश्र, कोषाध्यक्ष, रतीश चन्द्र झा एवं अन्य सदस्य लोकनिक भरपूर सहयोग रहनि।
http://www.mithilamirror.com/news-detail.php?id=352

संपन्न भेल मिरानिसे कें ’दिल्ली कार्यकर्ता सम्मेलन’

संपन्न भेल मिरानिसे कें ’दिल्ली कार्यकर्ता सम्मेलन’

दिल्ली,मिथिला मिरर-राहुल कुमार रायः भारतक राजधानी दिल्ली में मिथिला राज्य निर्माण सेना द्वारा आयोजित गांधी शांति प्रतिष्ठान में कार्यकर्ता सम्मेलन काएल गेल जाहिमें बेसी सं़ख्या में मैथिल लोकनि उपस्थिति रहलनि। कार्यक्रमक शुभारंभ नवोदित बाल गायिका मैथिली ठाकुर अपन मिठगर स्वर सं मिथिलाक प्र्रिसद्ध पारंपरिक गोसाउनिक गीत ’जय जय भैरवि असुर भयाउनि’ सं कयलनि।एहि कार्यक्रम कें मिथिला राज्य निर्माण सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम झा अपन अध्यक्षीय भाषण में संस्थाक कार्यकर्ता लोकनि कें संबोधित करैत कहलनि जे ”संस्थाक कार्यकर्ता लोकनि कें अपन उद्देश्यक प्रप्तिक लेल अनुशासनक संग-संग संगठनात्मक नियम-कायदाक पालन करैत आगा बढ़बाक चाहि तखने हमरालोकनि लक्ष्य कें प्राप्ति कय सकै छी अन्यथा नय तंय अनुशासन कें पालन करैत ज्यौ चलब तऽ मिथिला राज्य निर्माण निश्चितरूपहि बनबेटा करतै।”, 
वरिष्ठ कार्यकर्ता हेमंत झा मिरानिसेक इतिहास आ ओकर विकास कें बारे में नव कार्यकर्ता लोकनि के जानकारी देलथिन। तहिना विजय झा कार्यकर्ता कें अपन माटि- पानि सं जुड़ल आ बिसरल शब्दक मादे प्रोत्साहित केलनि। संजय कुमार मंडल मिथिला राज्य किएक? पर विस्तार सं प्रकाश देलनि एवं युवा अनूप मैथिल सेहो आंदोलनक आगामी रूपरेखा पर चर्चा करैति कहलनि जे ”हमर आगामी कार्य मिथिला के समस्त रेलवे स्टेशन पर मैथिली में उद्घोषणाक व्यवस्था करेबाक लेल, टेलिकाॅम विभाग सं मैथिली में मोबाइल पर जानकारी देबाक व्यवस्था आदिक योजना अछि। 
अधयक्ष महोद्यक सांनिध्य में क्रमशः दिल्ली इकाई के अध्यक्ष संजय झा ’नागदह’ एवं राष्ट्रीय महिला अध्यक्षा सुधा झाक नामक औपचारिक घोषणा सेहो कएल गेल। संजय झा ’नागदह’ अध्यक्षक भार लेलाक उपरांत कार्यकर्ता लोकनि के संबोधित करैत कहलनि जे ”एहि छोटसन कार्यकर्ता कें एतेक पैघ भार देलनि अहि ताहि लेल हम मिरानिसेक आभारी छियैन। मिरानिसेक एहि विश्वास कें हम सतत् बना कय रखब।” कवीश्वर चंदा झा कृत”मिथिला रामायण’क“ यूनिकोडीकरणक शुभारंभ संजीव सिन्हा द्वारा कएल गेल। अंत में कार्यक्रमक समापन कमलेश मिश्रक द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दय कएल गेल। मंच कें संचालन अमरनाथ झाक केलनि।
http://www.mithilamirror.com/news-detail.php?id=387

मांझी के जातिवाद बयान का घोर निंदा - मिरानिसे

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मांझी के जातिवाद बयान का घोर निंदा - मिरानिसे

Edited By Rajneesh K Jha on मंगलवार, 30 सितंबर 2014

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जातिवाद का जहर ये आज से नहीं बल्कि शुरू से फ़ैलाने में लगे हुए हैं. कभी अनुसूचित जाति के लोगों को कहते हैं खूब बच्चें पैदा करो. दुर्भाग्य है बिहार के अनुसूचित जाति के साथ जहां माझी को ये सोचना चाहिए की गरीबों के बच्चे को कैसे शिक्षित किया जाय, कैसे उनको ऊपर उठाया जाय इसके बदले वो कहते हैं की खूब बच्चे पैदा करो और सरकार बनाने के लिए वोट बैंक तैयार करो. इससे उस गरीब को क्या मिलेगा ? वर्तमान में मिथिला क्षेत्र में आने पर जहां विकास की बात करना चाहिए था , वहां जातिगत राजनीती की महाजाल फेंक रहें हैं, जिस मंदिर में वो आशीर्वाद लेने गए थे वहां की तालाब की सौन्दर्यी करन पर जोर देना चाहिए था इसके बजाय उन्होंने पूजा अर्चना करने के महीनो बाद पूरा सोच विचार कर जाति वाद पर राजनितिक करने का असफल प्रयास किया. मैं खुद भगवती के आशीर्वाद से वहां माता परमेश्वरी से आशीर्वाद प्राप्त कर चूका हूँ. 

मैंने देखा है की मंदिर से कुछ ही दूर चमार जाति के कई घर हैं और सब मैया के दरबार में हाजिरी लगाता है. एक अच्छे संस्कार में वहां के सभी जाति के लोग रहते हैं सब मैया के आशीर्वाद से खुशहाल हैं. मैया के दरबार का साफ़ साफ सफाई तो नित्य ही सुवह शाम एवं जरुरत पड़ने पर कभी भी होती हैं. ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा इस प्रकार जातिवाद का जहर मिथिला क्षेत्र में फैलाकर शांति भंग करने प्रयास किया है. मिथिला राज्य निर्माण सेना - दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष के नाते इस तरह की बयान का  घोर निंदा करता हूँ और मिथिला वासी से अपील करता हूँ अखंड सर्व जातिय एकजुटता सदैव की भांति कायम रख ऐसे बयान पर ध्यानाकर्षण न करे, और समय आने पर मिथिला हित में फैसला ले

30/09/2014
http://www.liveaaryaavart.com/2014/09/mrns-condemn-manjhi-statement.html

बिकती नहीं बाजार में

बिकती नहीं बाजार में कुल, गुण, गौरव, शील स्वभाव 



नहीं तो ये भी लोगों के घर के शो - केस में



सजाने के वस्तु हो जाती


और कौन कितना अच्छा 


ये तो उसकी कीमत ही बताती 


फिर तो गरीबों की घर


ये कभी भी न आती 


अच्छा किया पर ऊपर वालों ने 


इसे सामान न बनाया 


नहीं तो अमीर लोग


गरीबों की धज्जियाँ और भी उड़ाती 




संजय झा "नागदह"


Dated : 9/1/2015

quotes / उद्धरण

भूख हर इंसान को होती है ,किसको किस चीज की है ये तो उसकी
प्रकृति पर निर्भर करता है ।
                                            ---संजय झा "नागदह "


कोई ऐसा शव्द ही नहीं है जिसे पहले किसी वाक्य रूपी माला में पिरोया न गया हो।

                                            ----संजय झा " नागदह"

"साहित्य के समुद्र में जितना डूबता हूँ उतना ही डूबने का मन करता है और मन को उतनी ही शान्ति और आनन्द मिलता है जितना की असहज गर्मी के मौसम में तालाब के अन्दर बैठे रहने पर सुन्दर शीतलता " 
                                      
                                         -----------संजय झा "नागदह"

छल रहित व्यवहार आज के परिवेश में छला जाता है। 

                                    
                                                       --- संजय झा "नागदह"


राम और रहीम की नाम भी मालाओं पे गिन के लोग लेते हैं 
पर वो माला नहीं बनीं - जिस पे गिन के लोग यारों के नाम लेते हैं

                                                     
                                                         -----संजय झा "नागदह"

जिस दिन आप मन कर्म और वचन से शुद्ध हो जायेंगे
- पराये ढूंढने से नहीं मिलेगा

                                    
                                                   ---------संजय झा "नागदह"


किसी भी चीज से ज्यादा जरुरी है - चरित्र निर्माण , इसके बिना है सब बेकार !! 
                                               ----- संजय झा "नागदह"

भूख हर इंसान को होती है ,किसको किस चीज की है ये तो उसकी प्रकृति पर निर्भर करता है 
                                                  ---- संजय झा "नागदह "



"knowledge is the eye to see abstract things".

                                                      - Sanjay jha "Nagdah"







समयक हस्ताक्षरः शेफालिका वर्मा

  आज मेरे पास एक अद्वितीय पुस्तक आई है—*समयक हस्ताक्षरः शेफालिका वर्मा* (मैथिली संस्करण), जिसे संकलित किया है श्रीमती कुमकुम झा एवं श्री राज...

आहाँ सभक बेसी पसन्द कएल - आलेख /कविता /कहानी