प्रभु हम देखल ध्यानहि रे
अति मेघ विशाला
श्यामल वर्ण अद्भुत छवि रे
लागथि विकराला
आँखि जखन मोर खुजल रे
सब सुन्न सपाटा
पुनि हम ध्यान लगाओल रे
जुनि टुटहि ध्याना !
------sanjay jha "nagdah" 17/07/2015
आज मेरे पास एक अद्वितीय पुस्तक आई है—*समयक हस्ताक्षरः शेफालिका वर्मा* (मैथिली संस्करण), जिसे संकलित किया है श्रीमती कुमकुम झा एवं श्री राज...
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